कुंडली दोष चेकर — मंगल, कालसर्प, पितृ दोष और साढ़ेसाती की जांच
🕒 अपडेटेड: अगस्त 2026 | निःशुल्क टूल कुंडली दोष चेकर — सभी प्रमुख दोषों की एक साथ जांच वैदिक ज्योतिष में कुंडली में कई तरह के दोष बताए गए हैं — जैसे मंगल दोष, कालसर्प दोष, पितृ दोष aur शनि की साढ़ेसाती । ये सभी अलग-अलग ग्रह स्थितियों से जुड़े होते हैं aur जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं। नीचे अपनी जन्मतारीख़ aur समय डालें — एक साथ इन सभी प्रमुख दोषों की प्रारंभिक जांच पाएं। नाम (वैकल्पिक) जन्मतारीख़ जन्म समय सभी दोष जांचें कुंडली में मुख्य 4 दोष कौन से माने जाते हैं? दोष कारण प्रभावित क्षेत्र मंगल दोष मंगल का 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में होना विवाह, वैवाहिक जीवन कालसर्प दोष सभी ग्रह राहु-केतु के बीच स्थित होना जीवन में अचानक रुकावटें पितृ दोष सूर्य/राहु पर पितृ स्थान का अशुभ प्रभाव पारिवारिक उन्नति, संतान सुख शनि साढ़ेसाती शनि का चंद्र राशि के आगे-पीछे गोचर 7.5 वर्ष तक जीवन में उतार-चढ़ाव इन दोषों की सटीक पुष्टि कैसे होती है? ऊपर दिया गया टूल केवल एक सामान्य, प्रारंभिक संकेत देता है। वास्तविक aur...